आखिर क्यों नहीं खुलती साहित्यकारोें की जुबान मुस्लिम अत्याचार परबस हिन्दू वाटस्एप समूह बनाकर ही निकलेगी भड़ास, हाथ क्यों कॉंप रहे हैं खुलेआम लिखने मेंमुस्लिम तुष्टिकरण नीति का समर्थक बिना नहीं चलेगी साहित्यकारिता की दुकान कौन कहता है कि साहित्यकार मुस्लिम तुष्टिकरण नीति का समर्थक नहीं है, है। कौन कहता है कि हिन्दूओं के मरने और सतानत के मटियामेट होने …
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कौन-कौन से चक्रवात हुए एक्टिव
कीला चक्रवात : अरब सागर में कीला तूफान 29 अक्टूबर 2011 को एक्टिव हुआ था। जोकि 4 नवम्बर 2011 तक एक्टिव रहा था। ये अरब सागर से निकल कर यमन से टकराया था। भारत में इसका कोई असर नहीं हुआ था।मुर्जन चक्रपात : 23 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक 4 दिनों तक अरब सागर में 2012 में एक्टिव रहा था। …
Read More »कहावत घाघ की
पुराने समय में जब आधुनिक तकनीकों का प्रचलन नहीं था, उस समय मौसम आधारित भविष्यवाणियां सटीक होती थीं, जो अनुभवी लोगों द्वारा समय-समय पर की जाती थीं। ऐसे ही अनुभवी कवियों में माने जाते हैं, अकबर के समय के महाकवि घाघ। इनकी जन्मभूमि कन्नौज के पास चौधरी सराय नामक ग्राम बताई जाती है। कहा जाता है अकबर ने प्रसन्न होकर …
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