मंदिर परिसर

स्वागत द्वार :-
माँ कामाख्या धाम पर पहुँचते ही गाजीपुर-बारा मुख्य मार्ग पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की तर्ज पर बने लगभग 40 फीट ऊँचे पश्चिम और दक्षिण दिशा की तरफ मुख वाले इस द्वार आपका स्वागत करता है। इस गेट के ठीक सामने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से एक प्रतीक्षालय भी बना हुआ है। इस द्वार से अंदर गया रास्ता सीधे आपको मंदिर में पहुँचा देता है

मंदिर तक जाने का रास्‍ता -:
स्‍वागत द्वार से प्रवेश करते ही यह रास्‍ता आपको मां कामाख्‍या के भवन तक सीधे ले जायेगा। मंदिर के पास पहुँच कर दाहिने तरफ नास्‍ते पानी की दुकाने एवं उसके आगे फल प्रसाद की दुकानें हैं।

पुलिस चौकी :-
मंदिर परिसर में 1998 के तत्कालीन जिलाधिकारी राजन शुक्ला द्वारा यहाँ होने वाली भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने एवं असामाजिक तत्वों से भक्तों की रक्षा करने के उद्देश्य से पुलिस चौकी का निर्माण कराया गया था। यह पुलिस चौकी गहमर थाना से संबद्ध है। नवरात्रि एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर वाहनों को यहीं रोक दिया जाता है।

बाजार :-
मंदिर परिसर के सामने पुलिस चौकी के पीछे माँ कामाख्या जीर्णोद्धार समिति द्वारा 42 पक्की दुकानें बनाई गई हैं, जिसमें प्रसाद, फूल एवं मिठाइयों की दुकानें हैं। इसके अतिरिक्त मेले के समय पूरे परिसर में जगह-जगह दुकानें सुसज्जित ढंग से लगाई जाती हैं। सावन एवं चैत्रीय रामनवमी में तो पूरा परिसर दुकानों, झाँकियों एवं झूलों से अटा पड़ा रहता है।

प्रवेश द्वार :-
माँ कामाख्या देवी के भवन में प्रवेश करने का यह मुख्य द्वार है। इस द्वार से ही हम प्रवेश कर माँ के दर्शन-पूजन के लिये पहुँच सकते हैं। इस द्वार के दाहिनी तरफ से पुरुष और बायीं तरफ से महिलाएँ प्रवेश करती हैं।

मंदिर परिसर :-
प्रवेश द्वार से प्रवेश करते ही भक्त मंदिर परिसर में आ जाता है। वह अब दर्शन पाने के बिल्कुल करीब रहता है। माँ का भवन ठीक सामने नजर आता है। बैरिकेडिंग के सहारे स्त्री-पुरुष की अलग-अलग लाइनें होती हैं। मेले के समय इस पूरे परिसर में भक्तों का हुजूम लगा रहता है।

मॉं के दर्शन प्राप्‍त कर आप सुख पायें

हवन कुंड :-
माँ के मंदिर के ठीक सामने एक विशालकाय हवन कुंड बना हुआ है, जिसमें दर्शन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों, पूजनों एवं संस्कार समारोह के दौरान हवन किया जाता है। हवन कुंड का धुआँ वातावरण को शुद्ध एवं भक्तिमय बनाता है