पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार

पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार

नया-नया छठ व्रत शुरू करे वाला व्रती द्वारा छठी मैया से क्षमा-याचना, आशीर्वाद आ परिवार के सुख-समृद्धि खातिर गाइल जाए वाला ई अत्यंत प्रिय आ मीठ लोकगीत ह।

छठ घाट सजावट
पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार।
करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार।
सब के बलकवा के दिहा, छठी मईया ममता-दुलार।
पिया के सनईहा बनईहा, मईया दिहा सुख-सार।

नारियल-केरवा घोउदवा, साजल नदिया किनार।
सुनिहा अरज छठी मईया, बढ़े कुल-परिवार।
घाट सजेवली मनोहर, मईया तोरा भगती अपार।
लिहिएं अरग हे मईया, दिहीं आशीष हजार।

पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहर।
करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार।

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